खैरागढ़ l कला और संस्कृति की नगरी खैरागढ़ के रंगकर्मी ज्ञानदेव सिंह के कला सफर में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। नाट्यकला और अभिनय के क्षेत्र में लंबे योगदान के लिए उन्हें रायपुर में आयोजित 7वें निर्मल पाण्डेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल-2026 में विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। इसके बाद संस्कृति संचालनालय, छत्तीसगढ़ की ओर से जारी संयुक्त कलाकार सूची में उनका नाम रंगकर्मी, लोक नाट्य विधा के तहत A+ ग्रेड के साथ दर्ज किया गया है।
सूची में 712 कलाकारों को अलग-अलग श्रेणियों में स्थान दिया गया है, जिसमें ज्ञानदेव सिंह का नाम 57वें क्रम पर दर्ज है। लगातार मिली इन दो उपलब्धियों ने खैरागढ़ के रंगमंच को भी राज्य स्तर पर नई पहचान दिलाई है। ज्ञानदेव सिंह का रंगमंचीय सफर प्रसिद्ध रंगकर्मी व निर्देशक बंशी कौल की संस्था रंग विदूषक से जुड़ाव के साथ महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ा। यहां उन्होंने प्रयोगधर्मी रंगमंच, लोक तत्व, शारीरिक अभिनय और मंचीय अनुशासन को करीब से समझा। लंबे कला सफर में उन्होंने रंगमंच के साथ सिनेमा, टेलीविजन और विज्ञापन में भी काम किया। अभिनेता के साथ अभिनय प्रशिक्षक के रूप में उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों को संवाद किया।
दोहरी उपलब्धि से खैरागढ़ की रंग परंपरा को गौरव ज्ञानदेव सिंह की हालिया उपलब्धियों से उनकी कला विधा को आधिकारिक पहचान मिली। बंशी कौल की रंग परंपरा से जुड़कर रंगमंच की बारीकियां सीखने से लेकर अभिनेता, रंगकर्मी और अभिनय प्रशिक्षक के रूप में अपनी पहचान बनाने तक उनका सफर निरंतर रंग-साधना का रहा है। उनकी उपलब्धियां खैरागढ़ की समृद्ध रंग परंपरा और छत्तीसगढ़ की नाट्यकला के लिए भी गौरव का विषय हैं।








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