Rajnandgaon : मुक्तिधाम की आरक्षित भूमि में निर्माण पर लगाई रोक …

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डोंगरगढ़ l नगर के वार्ड क्रमांक 11 छीरपानी में सार्वजनिक मुक्तिधाम के लिए आरक्षित बताई जा रही भूमि पर कथित निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में मुक्तिधाम समिति ने 9 सितंबर को तहसीलदार डोंगरगढ़ को आवेदन सौंपकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा भूमि से संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच कराने की मांग की थी। मामले में अब तहसीलदार डोंगरगढ़ ने कथित अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने संबंधी स्थगन आदेश जारी कर दिया है।

समिति के आवेदन के अनुसार वार्ड क्रमांक 11 छीरपानी स्थित खसरा नंबर 3/1 की करीब 0.80 हेक्टेयर भूमि मुक्तिधाम के लिए आरक्षित बताई गई है। समिति का आरोप है कि उक्त भूमि पर बिना अनुमति एवं समिति की सहमति के व्यावसायिक दुकान का निर्माण कराया जा रहा है। समिति ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

एसडीएम, तहसीलदार और सीएमओ को दी प्रतिलिपि: मुक्तिधाम समिति ने अपने आवेदन की प्रतिलिपि तहसीलदार डोंगरगढ़ व मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। समिति ने भूमि का मौके पर निरीक्षण, राजस्व अभिलेखों की जांच, पूर्व स्थगन आदेशों का परीक्षण तथा निर्माण की वैधानिक अनुमति की जांच की मांग की है। अब तहसीलदार के द्वारा जारी स्थगन आदेश के बाद प्रशासनिक जांच हो गई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित भूमि की वर्तमान राजस्व स्थिति क्या है निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं और पूर्व में जारी आदेशों का पालन हुआ अथवा नहीं। मामला अब सार्वजनिक उपयोग की भूमि की सुरक्षा और उसके वैधानिक उपयोग से जुड़ा होने के कारण नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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मंदिर ट्रस्ट की भूमिका पर भी विजय ने उठाए सवाल विजय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट मंडल के द्वारा मुक्तिधाम क्षेत्र की भूमि पर पूर्व में भी बड़ी संख्या में दुकानों व रोपवे सहित विभिन्न निर्माण किए गए हैं जिनसे ट्रस्ट को लाभ प्राप्त होने की बात कही जा रही है। उनका आरोप है कि अब मुक्तिधाम के लिए सार्वजनिक उपयोग में आने वाली शेष भूमि पर भी नजर रखी जा रही है। कहा कि जिस भूमि पर डोंगरगढ़ नगर के विभिन्न समाजों के लोग लंबे समय से अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं, उस भूमि के स्वरूप या उपयोग में किसी भी प्रकार का बदलाव समाजहित में उचित नहीं होगा। प्रशासन से जांच की मांग की।

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