कोरबा: लेमरू थाना क्षेत्र के गैंगरेप मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों हसरुहान मंझवार और अजय सिंह को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने गवाहों के बयान, पुलिस जांच, चिकित्सकीय साक्ष्य और एफएसएल व डीएनए रिपोर्ट के आधार पर फैसला दिया। अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी के अनुसार दोनों आरोपी और पीड़िता एक ही गांव के निवासी हैं। पीड़िता गांव में अकेली रहती थी। आरोप है कि दोनों आरोपी रात में उसके घर में जबरन दाखिल हुए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
घटना के अगले दिन पीड़िता ने लेमरू थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 332(B), 351(3) और 70(1) के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के डीएनए नमूने सहित अन्य साक्ष्य फोरेंसिक लेब्रोटरी भेजे गए। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अदालत में कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन ने डीएनए रिपोर्ट आने तक इंतजार करने का अनुरोध किया। बाद में दोनों रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। रिपोर्ट में घटना से संबंधित वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद अदालत ने पीड़िता को दोबारा बुलाकर बयान दर्ज किया। इस बार उसने दुष्कर्म की बात स्वीकार की और बताया कि उसने डर और दबाव के कारण पहले घटना से इनकार किया था। अभियोजन ने गवाहों के बयान, पुलिस जांच और चिकित्सकीय साक्ष्य प्रस्तुत किए। फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।














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