राजनांदगांव | ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन में खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य समयप्रभ सागर ने मंगलवार को कहा कि सफलता चाहते हो तो किसी भी एक आदर्श पुरुष के चरित्र को अपना आदर्श बनाओ और उसका अनुसरण करो। एक मोती की कीमत यदि आप जान गए तो सारे मोतियों की कीमत आपको समझ में आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि आप अपने आपको इतना तपाओ की आप हीरा बन जाओ और ऐसा हीरा बनो कि लोग आपको अपना आदर्श समझें। ऐसी प्रतिभा वनो कि आपको सभी तत्वों का बोध हो। दूसरों का सुझाव कितना भी सुन लो जब तक स्वयं का सुझाव नहीं मानोगे तब तक आप में सुधार नहीं आएगा। आप बाहर से आओ और किसी से उसका वर्णन ना करो तो कैसा लगेगा, इसे ही विचारों की अभिव्यक्ति कहते हैं। साधक बनना है तो अभिव्यक्ति को दबाना सीखो।














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