भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर, विपक्ष में थी तो संसद ठप्प करना लोकतंत्र, अब विपक्ष की आवाज दबाना राष्ट्रवाद – कांग्रेस प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू

रायपुर / दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कमलजीत सिंह पिंटू ने भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा विपक्ष को बोलने नहीं देती और विपक्ष के आंदोलन को अराजकता बताती है, जबकि खुद विपक्ष में रहते हुए इसी भाजपा ने आंदोलन और संसद ठप्प करने को लोकतंत्र बताया था।

पिंटू ने कहा कि देश की जनता को याद दिलाना जरूरी है कि भाजपा ने विपक्ष में रहते क्या किया था।

1. संसद को महीनों तक ठप्प रखा: 2010 से 2013 तक 2G, कोल स्कैम के नाम पर भाजपा ने संसद को चलने ही नहीं दिया। कई सत्र ठप्प रहे। तब सुषमा स्वराज और अरुण जेटली कहते थे “संसद को ठप्प करना भी लोकतंत्र है”। आज वही भाजपा विपक्ष को संसद चलाने का ज्ञान देती है।

2. लोकपाल पर अन्ना आंदोलन को हथियार बनाया: डॉ. मनमोहन सिंह सरकार लोकपाल बिल ला रही थी, तब भाजपा ने अन्ना हजारे आंदोलन को हवा देकर रामलीला मैदान में भीड़ जुटाई और दिल्ली को महीनों जाम रखा। मकसद लोकपाल नहीं, कांग्रेस सरकार को बदनाम करना था। आज 11 साल से सत्ता में भाजपा ने लोकपाल को पंगु बनाकर रख दिया है।

3. निर्भया कांड पर राजनीति: 2012 का निर्भया कांड पूरे देश का दर्द था, लेकिन भाजपा ने उस बेटी के दर्द पर भी राजनीति की, इंडिया गेट जाम किया। सवाल है कि आज जब रोज बेटियों के साथ अन्याय हो रहा है, तब भाजपा प्रदर्शन क्यों नहीं करने देती? तब आंदोलन पवित्र था, आज अराजकता कैसे हो गया?

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4. महंगाई पर बैलगाड़ी-नौटंकी: स्मृति ईरानी सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठती थीं, बैलगाड़ी पर प्रदर्शन होता था। तब महंगाई डायन थी। आज सिलेंडर 1200 का हो गया तो महंगाई विकास बता रहे हैं।

पिंटू ने कहा कि भाजपा को विपक्ष में आंदोलन का अधिकार था, जो लोकतंत्र में होना चाहिए। लेकिन आज जब कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, किसान के मुद्दे पर आवाज उठाती है तो उसे देशद्रोही, टुकड़े-टुकड़े गैंग कहा जाता है और ईडी, सीबीआई लगा दी जाती है। ये दोहरा चरित्र देश देख रहा है। विपक्ष में रहकर संसद ठप्प करना लोकतंत्र और सत्ता में आकर विपक्ष की आवाज दबाना राष्ट्रवाद नहीं चल सकता।

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