CG : धान खरीदी से पहले प्रशासन अलर्ट! बारदानों और फसल सर्वे की समीक्षा …

CG : धान खरीदी से पहले प्रशासन अलर्ट! बारदानों और फसल सर्वे की समीक्षा …

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों तथा पशुधन को पहुंचे नुकसान के आकलन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रभावित गांवों में संयुक्त सर्वे कर वास्तविक क्षति की रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने पात्र किसानों और पशुपालकों को नियमानुसार राहत तथा मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर की अध्यक्षता में 3 नवंबर को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें प्राकृतिक आपदा से नुकसान, आगामी धान खरीदी की तैयारी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्तियों के सर्वेक्षण और सर्वेयरों के मानदेय भुगतान सहित कई विषयों की समीक्षा हुई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मैदानी स्तर पर किए जा रहे कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

तूफान से प्रभावित गांवों में संयुक्त सर्वे के निर्देश अक्टूबर के अंतिम दिनों में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदला था। कई क्षेत्रों में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी तथा कटाई के बाद रखी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी थी। बालोद जिले में भी फसल क्षति की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों को संयुक्त रूप से प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने को कहा है।अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वास्तविक नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। फसलों के साथ ही पशुधन की हानि का विवरण भी दर्ज किया जाए, ताकि पात्र किसानों और पशुपालकों को राहत प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। कलेक्टर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। हालांकि, राहत राशि का वितरण नुकसान के सत्यापन, पात्रता निर्धारण और संबंधित योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा। अभी प्रशासन ने सर्वे तथा राहत प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

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15 नवंबर से धान खरीदी बैठक में आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाली समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों में नए और पुराने बारदानों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और धान खरीदी केंद्रों में पर्याप्त संख्या में बारदानों का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा राइस मिलर्स और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से बारदानों की समय पर वापसी तथा संग्रहण की नियमित निगरानी करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य खरीदी शुरू होने पर किसानों को बारदानों की कमी के कारण परेशानी से बचाना है। यदि उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त बारदाने उपलब्ध रहेंगे, तो धान की तौल, भराई और भंडारण की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में गलतियों को सुधारने पर जोर धान खरीदी से पहले डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुद्धता को भी महत्वपूर्ण माना गया है। कलेक्टर ने कृषि और राजस्व विभाग के समन्वय से चल रहे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने डीसीएस मोबाइल एप के माध्यम से खेतों के पॉलीगॉन सर्वेक्षण की प्रगति की जानकारी ली। यह सर्वे खेतों की वास्तविक स्थिति तथा फसल रकबे का रिकॉर्ड तैयार करने में उपयोगी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ग्राम सभाओं का अनिवार्य आयोजन किया जाए।

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