राजनांदगांव : नशे से दूरी बनाए रखने का संकल्प लेकर लौटे युवा, अब समाज को जागरूक करेंगे…

राजनांदगांव , नशामुक्त समाज का निर्माण केवल जागरूकता लाने वाले कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी और व्यक्तिगत संकल्प से संभव है। युवा खुद नशे से दूर रह कर अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। यह संदेश साइंस कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर अतिथियों ने दिया। अतिथियों ने कहा युवा नशे से दूर रहें, परिवार और मोहल्ले में योग और नशामुक्ति का संदेश पहुंचाए।

सत्यानंद योग आश्रम में 2 नवंबर को आयोजित समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सेवा, अनुशासन, योग और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बना लें तो नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में बड़ा बदलाव आ सकता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि रासेयो शिविर युवाओं को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर समाज के बीच समाज सेवा करने का अवसर देते हैं। यहां स्वयंसेवक अनुशासन, सेवा और सामूहिकता का महत्व सीखते हैं। इस अवसर पर समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान देश सेवा के साथ ही राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भू​िंमका भी बताई।

योग स्वस्थ, संतुलित, सुंदर जीवन जीने की पद्धति है कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने कहा योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुंदर जीवन जीने की पद्धति है। रासेयो के माध्यम से युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने के साथ नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने का अवसर मिलता है। शिविर में मिले अनुभव सात दिनों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। स्वयंसेवक अपने घर, मोहल्ले और समाज में नशा मुक्ति और योग का संदेश पहुंचाएं।

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श्रमदान, योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं प्रभारी प्राचार्य डॉ. एएन माखीजा ने स्वयं सेवकों से खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को नशामुक्त जीवन अपनाने प्रेरित करने अपील की। सत्यानंद योग आश्रम की अध्यक्ष तारिणी मिरानी ने सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते श्रमदान और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने कहा। कोमल साहू ने शांति पाठ कराया और स्वयंसेवकों को शिविर के बाद भी नियमित योग करने तथा परिवार और समाज को इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। अन्य जानकारियां भी दी गई।

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