CG : संतान नहीं होने से पत्नी से अलग रह रहे पति हुए एक, कोर्ट ने दी समझाइश

दुर्ग सीकरी रोग से पीड़ित एवं संतान नहीं होने से पत्नी से पृथक रह रहे पति एक हुए। मामला खंडपीठ क्रमांक अधिकारी सिराजुद्दीन कुरेशी प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय दुर्ग का है जिसमें पति के द्वारा अपनी पत्नी के विरुद्ध विवाह विच्छेद का मामला प्रस्तुत किया गया था उनके दांपत्य जीवन में कोई संतान नहीं हुआ था तथा पत्नी सीकरी रोग से ग्रसित थी। इलाज के बाद भी पत्नी को लाभ नहीं हुआ तथा पति-पत्नी में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद विवाद होने लगा पत्नी मायके में रहने चली गई तथा वर्ष 2020 से पत्नी अपने पति से पृथक निवास करने लगी थी मामला न्यायालय के समक्ष आने पर आज नेशनल लोक अदालत में सुनवाई की गई जिसमें न्यायालय द्वारा दोनों पति-पत्नी को समझाइश दी गई. जिस पर पत्नी अपने पति के साथ रहने को तैयार हो गई तथा पति भी अपनी पत्नी को रखने हेतु सहमति जाहिर किया इस प्रकार दोनों खुशहाल जीवन जीने राजी खुशी वापस घर गए।

दूसरा मामला कंप्लीट कमल तीन के पीठासीन अधिकारी से राकेश कुमार वर्मा द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गा के खंडपीठ में भिलाई स्टील प्लांट विरुद्ध मिथुन एलाइंस लिमिटेड का एक मामला था जो विगत 6 वर्षों से लंबित था और तुम मामले में माननीय न्यायालय के समझाइए सुक्रांत आपसी राजी नमक से मामला समाप्त हुआ जिसमें न्यायालय द्वारा 3063937 रुपए अवार्ड पारित किया गया।

खंडपीठ क्रमांक 22 के पीठासीन अधिकारी कुमारी पायल टोकनी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग के खंडपीठ में ग्राम चिरकुट थाना अंडा क्षेत्र अंतर्गत धारा 294 323 506 भारतीय दंड संहिता के एक मामले में जिसमें प्रार्थी का ग्राम सरपंच से गांव में पानी की समस्या को लेकर हुए वाद विवाद गाली गलौज मारपीट के एक मामले में न्यायालय की समझाइए इस पर प्रार्थी व अभियुक्त के माध्यम से आपसे राजी नमक से प्रकरण का निराकरण कर मामला समाप्त किया गया।

See also  छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रदेश की दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास की बनेगी समग्र कार्ययोजना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *