छत्तीसगढ़

CG : गाड़ियों में रखकर डीजे बजाने पर होगी कार्रवाई

स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट से 100 मीटर क्षेत्र में लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध

गरियाबंद । ध्वनि प्रदुषण से आम लोगों को राहत देने के लिए माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 16.12.2016 के आधार पर राज्य शासन के द्वारा ध्वनि प्रदुषण रोकथाम के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। 11.09.2024 को आवास और पर्यावरण विभाग के द्वारा जारी दिशा निर्देशों तहत किसी भी वाहन में साउंड बॉक्स रखकर डीजे बजाने पर साउंड बॉक्स जप्त कर वाहन का रिकार्ड रखने के निर्देश दिये गये है। 

जप्त साउंड बॉक्स को कलेक्टर के आदेश के बिना नहीं छोड़ा जायेगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर वाहन का परमिट निरस्त किया जायेगा तथा माननीय उच्च न्यायालय के बिना उस वाहन को कोई भी नया परमिट जारी नहीं किया जायेगा। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं पुलिस अधिकारियों को दिये है।

शासन की ओर से जारी निर्देशानुसार विभिन्न अवसरों पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत तय मापदण्ड से अधिक ध्वनि प्रदूषण होने पर आयोजकों को ऐसा नहीं करने की अपील की जायेगी। अगर आयोजक किसी भी तरह से निर्देशों की अवहेलना करता है तो उसके विरूद्ध कोर्ट में कार्यवाही की जायेगी तथा इसके अतिरिक्त संबंधित अधिकारी आयोजक के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने पर अवमानना का प्रकरण उच्च न्यायालय में दायर कर सकेंगे। अगर ध्वनि प्रदूषण यंत्र यदि किसी साउण्ड सिस्टम प्रदायकर्ता या डी. जे. वाले का पाया जाता है तो ध्वनि प्रदूषण करने और कानून का उल्लंघन करने के आधार पर उसे सीधे जप्त किया जावेगा। इसके अलावा वाहनों में प्रेशर हार्न अथवा मल्टी टोन्ड हार्न पाया जाता है तो तत्काल ही उसे वाहन से निकालकर नष्ट किया जायेगा तथा रजिस्टर में जानकारी दर्ज की जाएगी। इस संबंध में वाहन नम्बर के साथ मालिक तथा चालक का डाटा बेस इस रूप में रखा जायेगा कि दोबारा अपराध करने पर वाहन जप्त किया जाये तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बिना जप्त वाहनों को नहीं छोड़ा जा सकेगा।

साइलेंस जोन अर्थात स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट, आफिस से 100 मीटर एरियल डिस्टेन्स पर लाउड स्पीकर नही बजाया जायेगा और अगर ऐसा किया जाता है तो ध्वनि प्रदूषण यंत्रों को जप्त किया जायेगा। बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति से प्रदूषण यंत्रों को वापस नहीं किया जावेगा। द्वितीय गलती पर जप्त किये गये प्रदूषण यंत्रों को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश बिना वापस नहीं किया जावेगा। रात्रि 10 बजे से 6 बजे तक किसी भी तरह के ध्वनि विस्तारक यंत्र के इस्तेमाल पर रोक है। जिला प्रशासन के द्वारा सभी लोगों माननीय उच्च न्यायालय के और शासन स्तर से संबंधित दिशा निर्देश के पालन करने की अपील आम जनता से की गई है।

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