AI अब विभागों में खोलेगा गड़बड़ियों की पोल, लीगल मैनेजमेंट सिस्टम तोड़ने वालों पर कार्रवाई

भोपाल 
जिले में विभिन्न मामलों को लेकर चल रहे कोर्ट प्रकरण का प्रबंधन अब लीगल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम से होगा। प्रशासन एआइ आधारित इस सॉफ्टवेयर को अपने यहां लागू करने जा रहा है। जिले के जो भी विभाग अपने यहां के कोर्ट प्रकरणों को दबाकर या लटकाकर बैठे हैं, वे सब जाहिर होंगे। अब ऐसे प्रकरणों को निपटाना होगा। ऐसा नहीं करने वाले सामने आएंगे और उन पर कार्रवाई की रूपरेखा भी बनेगी। कलेक्ट्रेट से जुड़े हुए ही 150 के करीब कोर्ट केस अभी चल रहे हैं। जिले के सभी विभागों को मिलाने पर संख्या इससे चार गुना तक बनेगी।

ऐसे समझें सिस्टम

यह एक इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम के रूप में काम करेगा, ताकि विभाग के सभी संबंधित अधिकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी देख सकें। कानूनी मामलों की प्रगति और पेंडेंसी पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का काम करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कानूनी डेटा सुरक्षित रहे और केवल अधिकृत व्यक्तियों की ही उस तक पहुंच हो।

ऐसे करेगा काम

-केस ट्रैकिंग: यह विभिन्न न्यायालयों में चल रहे सरकारी मामलों की वर्तमान स्थिति को ट्रैक करेगा।

– डाटा माइग्रेशन: पुराने कानूनी मामलों के डेटा को सिस्टम में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने का काम करेगा।

दस्तावेजों का प्रबंधन: यह कानूनी दस्तावेजों, आदेशों और याचिकाओं को डिजिटल रूप में सहेज कर रखने में मदद करेगा।

– अलर्ट और रिमाइंडर: आगामी पेशी और महत्वपूर्ण समय-सीमाओं के लिए रिमाइंडर देगा।
ये होगा लाभ

इसका सबसे बड़ा लाभ मेट्रो, नए आइएसबीटी समेत ब्रिज, सड़क और सार्वजनिक हित के संस्थानों को लेकर चल रहे जमीन संबंधी विवाद में होगा।  सिस्टम में प्रकरण से जुड़ा हर अपडेट और डिटेल सबमिट होगा, जिससे केस निपटाने में तेजी आएगी। प्रकरण पर निर्णय होने से जिले के ग्रामीण से लेकर शहरी प्रोजेक्ट और आमजन से जुड़े काम भी तेजी से हो पाएंगे। पेंशन प्रकरण से जुड़े केसों में भी न्याय होगा।

नई तकनीक से जल्द निपटेंगे कोर्ट केस

कोर्ट केस को शीघ्रता से निपटाने में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रकरण निपटान प्रक्रिया बेहतर व तेज होगी।

– कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
600 केस की पेंडेंसी सुनकर कलेक्टर नाराज

भोपाल. जिला समिति की बैठक में  600 पेंडिंग प्रकरणों पर कलेक्टर नाराज हुए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में पशुपालन, मत्स्य, स्व-सहायता समूह, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रकरण जो बैकों में भेजे गए हैं, उनके वितरण और लक्ष्य की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा, केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रकरण कई बैकों में लक्ष्य के अनुरूप निराकरण नहीं किए गए हैं। यह खेदजनक है। जिन बैंकर्स के प्रकरण स्वीकृत हो गए, उनका वितरण एक सप्ताह देने का कहा। लंबित प्रकरणों का 15 दिन में निराकरण का लक्ष्य दिया।

Admin

Share
Published by
Admin
Tags: AIfeatured

Recent Posts

CG : प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग 22 जुलाई से 5 अगस्त तक…

CG : प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग 22 जुलाई से 5 अगस्त तक…

धमतरी । शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रयास आवासीय विद्यालयों में कक्षा नवमीं में प्रवेश के…

34 seconds ago
CG : कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के लिए अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश…

CG : कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के लिए अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश…

अधिकारियों को स्कूल, आश्रम छात्रावास का निरीक्षण करने के निर्देश जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास…

31 minutes ago
CG : जिले में 21 जुलाई को 138.2 मिमी औसत वर्षा…

CG : जिले में 21 जुलाई को 138.2 मिमी औसत वर्षा…

जशपुरनगर । जशपुर जिले में 01 जून से 21 जुलाई 2026 तक 3014.2 मिमी औसत…

34 minutes ago
CG : प्राकृतिक आपदा के 4 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत…

CG : प्राकृतिक आपदा के 4 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत…

जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के…

36 minutes ago
CG : दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए यूडीआईडी शिविरों की तिथियों में आंशिक संशोधन…

CG : दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए यूडीआईडी शिविरों की तिथियों में आंशिक संशोधन…

सन्ना और कांसाबेल शिविरों की नई तिथियां जारी जशपुरनगर । जिले के दिव्यांगजनों के प्रमाणीकरण…

39 minutes ago