CG : कृषकों को संतुलित उर्वरक एवं जल संचयन के बारे में दी गई जानकारी

बलौदाबाजार, कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश एवं उपसंचालक कृषि दीपक कुमार नायक के मार्गदर्शन में विकासखंड भाटापारा में कृषकों के लिए संतुलित उर्वरक एवं जल संचयन से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषकों को संतुलित उर्वरक प्रयोग कर कल्चर, बायोफर्टिलाइजर के उपयोग एवं जल संचयन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई । 

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवधेश उपाध्याय ने बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग से जहां उत्पादन में वृद्धि होती है, वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है।  शासन के निर्देशानुसार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से जैव उर्वरक एवं हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि मिट्टी की उर्वरता क्षमता बढ़े और किसानों की लागत में कमी आए। नील हरित काई धान फसल हेतु नाइट्रोजन का उत्तम स्रोत है, जो 25-30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर नाइट्रोजन की पूर्ति करता है। यह हवा से नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाती है, जिससे रासायनिक यूरिया की बचत होती है और उपज में 5-10 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना रहती है।

इसके उपयोग से मृदा में कार्बनिक पदार्थों तथा अन्य पौध वृद्धि वर्धक रसायनों जैसे ऑक्सिन, जिबरेलिन, फाइटोहॉर्माेन, इण्डोल एसिटिक एसिड आदि की मात्रा में वृद्धि होती है, जिससे मृदा की जल धारण क्षमता में सुधार होता है। धान की खेती में नील हरित काई का उपयोग ब्यासी एवं रोपा पद्धति दोनों में लाभदायक होता है। धान की ब्यासी स्थिति में चलाने के बाद अथवा रोपा वाले खेत में धान के पौधों को रोपने के 6 से 10 दिन के भीतर, नील हरित काई के 12-15 किलोग्राम सूखे चूर्ण को पूरे खेत में छिड़ककर उपयोग किया जाता है। उपयोग से पूर्व खेत में आवश्यकता से अधिक पानी निकालकर 8-10 सेमी पानी बनाए रखें तथा यह पानी कम से कम 15-20 दिनों तक स्थिर रखा जाए, जिससे काई का विकास एवं फैलाव सुचारू रूप से हो सके। 


कार्यक्रम में कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कृषकों को उन्नत खेती अपनाने एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी महेंद्र बंजारे, आत्मा स्टाफ से ज्योति वर्मा, मुकेश तिवारी एवं अंकिता अग्रवाल सहित ग्राम मोपकी एवं पौसरी के कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

kgnews

Recent Posts

CG : CM साय आज सुबह साढ़े 11 से शाम 5 बजे तक रहेंगे मंत्रालय में …

CG : CM साय आज सुबह साढ़े 11 से शाम 5 बजे तक रहेंगे मंत्रालय में …

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में शासकीय कार्यों में व्यस्त रहेंगे. निर्धारित कार्यक्रम…

6 minutes ago
CG : सौतन की हत्या करने वाली महिला गिरफ्तार, मोह माया से दूर जा रहा था पति …

CG : सौतन की हत्या करने वाली महिला गिरफ्तार, मोह माया से दूर जा रहा था पति …

बालोद। जिले से पति पत्नी और सौतन से जुडी क़त्ल की ऐसी वारदात सामने आयी…

18 minutes ago
CG : 33 अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट …

CG : 33 अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट …

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 33…

22 minutes ago
CG : मेन रोड में हाथियों की वजह से हुआ आवागमन ठप …

CG : मेन रोड में हाथियों की वजह से हुआ आवागमन ठप …

रायगढ़। जिले में हाथियों की संख्या 100 से ज्यादा है। ऐसे में एक जंगल से…

26 minutes ago
उद्यानिकी विभाग की योजना से बदली कमार कृषक की तकदीर

उद्यानिकी विभाग की योजना से बदली कमार कृषक की तकदीर

रायपुर  खीरे की व्यावसायिक खेती एक बेहद लाभदायक व्यवसाय है, जो 45 से 50 दिनों…

28 minutes ago
साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों के नए दौर में उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष से मिली सीख पर तय होगी भविष्य की शैक्षणिक रणनीति

साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों के नए दौर में उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष से मिली सीख पर तय होगी भविष्य की शैक्षणिक रणनीति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनियादी शिक्षा सुधारों को…

53 minutes ago