गौरेला पेंड्रा मरवाही, रबी मौसम में धान के फसल में कमी लाने और किसानों को कम लागत, कम मेहनत में उपज का अच्छा दाम दिलाने के लिए किसानों की बैठक लेकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है तथा उनकी सहमति पर आवश्यकतानुसार बीज भी वितरित किया जा रहा है। उप संचालक कृषि सत्यजीत कंवर ने बताया कि ग्रीष्मकालीन धान की फसल के लिए अधिक पानी की जरूरत होती है। कृषि विभाग द्वारा भू जल स्तर को गिरने से बचाने तथा गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या का समाधान हो सके, इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसल जैसे गेहूं, चना, उड़द और मक्का बोने जागरूकता अभियान चलाकर बीज वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरूवार को ग्राम बारीउमराव, टंगियामार, कुदरी, कड़कई, गांजन आदि गांव में किसानों के साथ बैठक लेकर इन ग्रामों में 116 हैक्टेयर रकबा में ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसल बोने के लिए सहमति प्राप्त किया गया है। जागरूकता अभियान के तहत ग्राम अमरपुर, पतगंवा एवं लटकोनी में भी किसानों का चयन किया जा चुका है। यह अभियान जिले के सभी गांवों में चलाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा और उनकी मांग अनुसार अनुदान पर बीज वितरण किया जाएगा।
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