CG : धान फसल में कीट एवं रोग प्रबंधन…

दुर्ग । दुर्ग जिले मे धान फसल खरीफ की मुख्य फसल है, जिले में लगातार हो रहीं बारिश से किसानों में अच्छे फसल की आशा बनी हुई है, फिलहाल बारिश की अधिकता से वातावरण में नमी बढ़ गई है। वहीं बारिश के बाद तेज धूप से उमस के कारण धान की फसल में तना छेदक, पत्ती मोड़क, भूरा माहू, ब्लड वर्म, पेनिकल माइट एवं जीवाणु जनित झुलसा जैसे कीटव्याधि की समस्या उत्पन्न हो रहीं है।

समस्याओं के नियंत्रण हेतु उप संचालक कृषि जिला-दुर्ग द्वारा जिले के मैदानी अमलों को कृषकों के खेतों का सतत निरीक्षण किये जाने एवं समन्वित कीट एवं रोग प्रबंधन हेतु समय-समय पर कृषकों को समसामयिक सलाह देने के निर्देश दिये जा रहे हैं।

किसान भाईयों को सलाह दी गई है कि भूरा माहू के नियंत्रण हेतु 24 घण्टे के लिए पानी का निकास करने से कीट नियंत्रण में सहायता मिलती है। तना छेदक कीट के वयस्क दिखाई देने पर फसल का निरीक्षण कर तना छेदक के अंडों को एकत्र कर नष्ट कर दे तथा डेड हार्ट (सुखी पत्ती) को निकाल दे। सतत निगरानी हेतु शाम 6.30 से 10.30 बजे तक प्रकाश प्रपंच का उपयोग करते हुए एकत्रित कीट को सुबह नष्ट कर दे।

खेत के बीच में अलग-अलग जगह ‘‘टी’’ आकार की खुटियां फसल से 1 फीट ऊंची लगानी चाहिए जिस पर पक्षी बैठकर हानिकारक कीटों को खा सके। धान की फसल पर रस्सी को दोनो किनारों से पकड़कर घुमाना चाहिए जिससे की चितरी की इल्लिया पानी में गिर जाये तथा पानी में थोडा मिट्टी का तेल डाल देने से इल्लिया मर जाती है। अनुशंसित मात्रा में रासायनिक खाद का उपयोग करें अत्याधिक/अनावश्यक नत्रजन के उपयोग से रसचुसक कीट के आक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।

फसलों पर पाये जाने वाले लक्षण के आधार पर कीट एवं रोग प्रबंधन हेतु निम्नानुसार रासायनिक नियंत्रण का उपयोग करें:-

तना छेदक – प्रोफेनाफास 40 प्रतिशत ईसी प्लस साइपरमेथिन 4 प्रतिशत ईसी, 400 मिली प्रति एकड़ की दर से या करटॉप हाइड्रोक्लोराइड 50 प्रतिशत एपी, 200 ग्राम प्रति एकड़ की दर से उपयोग किया जा सकता है। पत्ती लपेटक कीट (चितरी)- प्रोफेनाफास 40 प्रतिशत ईसी लेम्बडा साइलोथ्रिन 20 प्रतिशत ईसी, 400 मिली या करटॉप हाइड्रोक्लोराइड 50 प्रतिशत एसपी, 200 ग्राम एकड़ उपयोग किया जा सकता है। भूरा माहो कीट – इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल, 80-100 मि.ली. या पाइमेट्रोजिन 50 प्रतिशत डब्ल्यूजी, 100-120 ग्राम प्रति एकड़ उपयोग किया जा सकता है। ब्लड वर्म – क्लोरपाइरीफास 10 प्रतिशत जीआर, 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से अथवा क्लोरएंट्रानिलीप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी, 460 मिली प्रति एकड़ की दर से रोकथाम हेतु उपयोग किया जा सकता है। जीवाणुजनित पर्ण झुलसा रोग – खड़ी फसल में 5 ग्राम स्ट्रेप्टोमाइसीन दवा प्रति एकड़ की दर से छिडकाव करें। लक्षण प्रकट होने पर नत्रजन युक्त खाद का छिड़काव नहीं करना चाहिए साथ ही समय-समय पर खेत से पानी निकालते रहना चाहिए।

kgnews

Recent Posts

राजनांदगांव : सामान्य सभा में अधिकारियों से कहा विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखें…

राजनांदगांव : सामान्य सभा में अधिकारियों से कहा विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखें…

डोंगरगांव , जनपद पंचायत डोंगरगांव की सामान्य सभा की बैठक जनपद अध्यक्ष रंजीता पडोती की…

1 minute ago
राजनांदगांव : जुड़वास त्योहार पर कुंभकार समाज ने निकाली शोभायात्रा…

राजनांदगांव : जुड़वास त्योहार पर कुंभकार समाज ने निकाली शोभायात्रा…

डोंगरगढ़| कुंभकार समाज ने जुड़वास त्योहार मनाया। समाज के लोगों, वार्डवासियों, बच्चों और महिलाओं ने…

3 minutes ago
राजनांदगांव : शिक्षक-पालक एकजुट हों तो कोई बच्चा नहीं पिछड़ेगा…

राजनांदगांव : शिक्षक-पालक एकजुट हों तो कोई बच्चा नहीं पिछड़ेगा…

डोंगरगांव , पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल डोंगरगांव में नवगठित शाला प्रबंधन समिति…

8 minutes ago
राजनांदगांव : 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए फ्री कॉमर्स क्लास शुरू…

राजनांदगांव : 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए फ्री कॉमर्स क्लास शुरू…

राजनांदगांव | अग्रवाल सभा राजनांदगांव ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए…

11 minutes ago
राजनांदगांव : राष्ट्रीय खेल नीति पर चलेगी छत्तीसगढ़ हॉकी, ग्रास रूट से खिलाड़ी और निखरेंगे…

राजनांदगांव : राष्ट्रीय खेल नीति पर चलेगी छत्तीसगढ़ हॉकी, ग्रास रूट से खिलाड़ी और निखरेंगे…

राजनांदगांव , छत्तीसगढ़ हॉकी की विशेष आमसभा में राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम-2025 व राष्ट्रीय खेल…

13 minutes ago
CG : अजय ओगरे ने सीएम साय से ट्रैक्टर छुड़वाने लगाई गुहार …

CG : अजय ओगरे ने सीएम साय से ट्रैक्टर छुड़वाने लगाई गुहार …

महासमुंद। ग्राम सागरपाली महासमुंद के पीड़ित युवा बेरोजगार ने मुख्यमंत्री से गुहार लागई है कि…

14 minutes ago