राजनांदगांव , जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में स्टाफ नर्सों की संख्या पर विवाद और गहरा गया है। एक ओर एसएनसीयू प्रभारी डॉ. विक्रम बैद ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर गाइडलाइन अनुसार 12 स्टाफ नर्सों की जरूरत बताते अतिरिक्त नर्सों को अन्य वार्डों में समायोजित करने आग्रह किया है।
वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ और एसएनसीयू में कार्यरत स्टाफ नर्सों ने इसे कर्मचारियों पर दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ना का प्रयास बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। अध्यक्ष लभेश पगारे ने बताया एसएनसीयू के नर्सिंग स्टाफ ने प्रभारी डॉक्टर के खिलाफ दुर्व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना एवं कार्य में हस्तक्षेप की विगत दिनों शिकायत की थी। अब स्टाफ कम करने की पहल से कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। एसएनसीयू में स्टाफ घटाने से गंभीर नवजातों की निगरानी और देखभाल प्रभावित हो सकती है तथा मरीजों की सुरक्षा पर असर पड़ेगा। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सीएस को ज्ञापन सौंपकर स्टाफ कम नहीं करने, निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नियम 12 का, 18 स्टाफ नर्सेज एसएनसीयू में हैं मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल एक साथ चलने पर हर माह 200 से 250 नवजात भर्ती होते थे। उसी समय कार्यभार को देख 22 स्टाफ नर्सों के पद स्वीकृत किए थे। वर्ष 2019 में मेडिकल कॉलेज अलग होने से एसएनसीयू में भर्ती संख्या घटकर 80 से 100 प्रतिमाह रह गई है। वर्तमान में 22 स्वीकृत पदों में 18 स्टाफ नर्सें कार्यरत हैं, गाइडलाइन अनुसार 12 नर्सों का प्रावधान है। नियमों के अनुरूप कार्रवाई हो।
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