राजनांदगांव , जिलेभर के 114 प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने 135 प्राइवेट ट्यूटर्स की जरूरत है। छुरिया ब्लॉक में सबसे ज्यादा लगभग 40 स्कूल एकल शिक्षकीय है। इस कारण इसी ब्लॉक में सबसे ज्यादा शिक्षकों की जरूरत है। शिक्षा विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगस्त माह की शुरुआत में इन सभी स्कूलों में प्राइवेट ट्यूटर्स सेवा देंगे। प्राइवेट ट्यूटर्स को डीएमएफ मद से उनके मानदेय का भुगतान किया जाएगा। दैनिक वेतन भोगी के रूप में सेवा देंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा अंचल इलाकों के स्कूल और शाला विकास समिति के माध्यम से एकल शिक्षकीय, दो शिक्षक वाले स्कूलों की जानकारी मंगाई गई थी। जिलेभर ऐसे 114 स्कूलों की जानकारी सामने आई है। इसमें कहीं एक प्राइवेट ट्यूटर्स की जरूरत है तो कहीं दो की जरूरत पड़ेगी। बीईओ के बाद प्राचार्य के माध्यम से उन्हें मानदेय दिया जाएगा। डीईओ प्रवास सिंह बघेल का कहना है भर्ती शासन स्तर से होनी है। फिलहाल प्राइवेट ट्यूटर्स की सेवा लेंगे इससे पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
प्राइमरी में 4 हजार, हायर सेकेंडरी में 6 हजार मानदेय प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने वाले गांव के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 4 हजार, मिडिल में 5 हजार, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 6 हजार मानदेय दिया जाएगा। बड़ी क्लास में प्राइवेट ट्यूटर्स केवल अपने संबधित विषय कालखंड लेने स्कूलों में आएंगे। छुरिया ब्लॉक के अलावा, राजनांदगांव, डोंगरगांव और डोंगरगढ़ ब्लॉक के प्राइमरी से हायर सेकेंडरी स्कूलों में उनकी सेवाएं ली जाएगी। शिक्षा विभाग के द्वारा इसकी 90 फीसदी प्रक्रिया पूरी कर ली है। अंतिम चरण की विभागीय एवं प्रशासनिक प्रक्रिया होनी बाकी है।
प्रामइरी से हायर सेकेंडरी तक 2276 पद रिक्त हैं जिलेभर के स्कूलों में 2276 शिक्षकों की कमी है। शहरी क्षेत्रों में ज्यादा तो गांव के स्कूलों में पढ़ाई एक-दो शिक्षकों के भरोसे हो रही है। कुल 1336 स्कूलों में स्टाफ का असंतुलन, सबसे अधिक 1270 सहायक शिक्षकों का पद खाली सालों से खाली पड़ा हुआ है। विधानसभा चुनाव से पहले 32 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा अधूरा रह गया। यही कारण है कि शिक्षकों की कमी बनी हुई है। स्कूलों में 166 स्वीकृत प्राचार्य के पदों में 112 प्राचार्य कार्यरत हैं, जबकि 54 पद खाली हैं।





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