राजनांदगांव : एप में पंजीयन कराने ओटीपी नहीं बताते मरीज…

राजनांदगांव , जिला अस्पताल में ओपीडी पर्ची बनाने मरीजों को लंबी कतारों से बचाने मोबाइल पर ऑनलाइन आभा एप से ओपीडी पर्ची बनाने की सुविधा दी गई है। लेकिन इसमें जिला अस्पताल प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले काफी पिछड़ गया है। मरीज मोबाइल पर आसान प्रोसेस कर स्वयं पर्ची बना बना सकते है। पंजीयन काउंटर में केवल टोकन लंबर बताने से प्रिंट मिल जाता है। लेकिन प्रचार नहीं होने से मरीज लंबी कतार में खड़े होते है। ओपीडी में उनकी जांच और इलाज में देरी होती है।

नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल मॉड्यूल, डिजिटल हेल्थ सेवाओं में पिछड़ गया है। तीन पैमानों पर बेहद कमजोर स्थिति है। अस्पताल की ओपीडी में पंजीकृत 436 मरीजों में केवल 98 की आभा आईडी लिंक की गई, महज 19 मरीजों की ई-प्रिस्क्रिप्शन बनी वहीं केवल 232 मरीजों के लिए फार्मेसी मॉड्यूल में ऑनलाइन दवा वितरण दर्ज हुआ। आंकड़ों के आधार पर 26 जिला अस्पतालों में जिला निचले पायदान पर है। इसमें तेजी लाने प्रयास करने की जरूरत है। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत मरीजों का पंजीयन, आभा आईडी से लिंकिंग, डॉक्टरों के द्वारा ई-प्रिस्क्रिप्शन जारी करना और फार्मेसी से ऑनलाइन दवा वितरण अनिवार्य रूप से बढ़ाया जा रहा है।

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