राजनांदगांव : हर घर तिरंगा, वंदे मातरम् की थीम पर कलेक्टोरेट में विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन

राजनांदगांव : हर घर तिरंगा, वंदे मातरम् की थीम पर कलेक्टोरेट में विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन

– जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में वन्देमातरम् एवं राष्ट्र ध्वज तिरंगे के गौरवशाली इतिहास एवं विकास को जानने का मिला अवसर
– हर घर तिरंगा अभियान तथा वंदेमातरम् के उत्साह एवं ऊर्जा को यादगार बनाए रखने के लिए बनाया गया सेल्फी जोन
राजनांदगांव । जनसंपर्क विभाग द्वारा हर घर तिरंगा, वंदे मातरम् एवं भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस थीम पर कलेक्टोरेट में विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिला कार्यालय पहुंचने वाले नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। फोटो प्रदर्शनी में हर घर तिरंगा अभियान तथा वंदेमातरम् के उत्साह एवं ऊर्जा को यादगार बनाए रखने के लिए सेल्फी जोन भी बनाया गया, जहां नागरिकों ने अपनी सेल्फी ली। नागरिकों ने जनसंपर्क की फोटो प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से वन्देमातरम् एवं राष्ट्र ध्वज तिरंगे के गौरवशाली इतिहास एवं इसके विकास को जानने का अवसर मिल रहा है। फोटो प्रदर्शनी में वंदेमातरम् का आह्वान कर स्वतंत्रता संग्राम की मशाल को जलाए रखने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान एवं शौर्य गाथा का स्मरण किया गया है। वंदेमातरम् के उद्घोष एवं स्वतंत्रता संग्राम में इसके अक्षुण्य योगदान की जानकारी दी गई है। तिरंगे के इतिहास और स्वरूप में हुए बदलावों के बारे में जानकारी मिल रही है। प्रदर्शनी के माध्यम से आमजनों को वन्देमातरम् एवं राष्ट्र ध्वज तिरंगे के इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिला है। प्रदर्शनी के माध्यम से वंदे मातरम् एवं राष्ट्रध्वज तिरंगे के बारे में रोचक जानकारी मिली। फोटो प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग की पत्रिका छत्तीसगढ़ जनमन एवं शासन की योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट्स एवं किताबों का नि:शुल्क वितरण किया गया।

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उल्लेखनीय है कि विशेष फोटो प्रदर्शनी में हर घर तिरंगा अभियान के तहत वंदेमातरम् की भावना का आह्वान करते हुए देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साहस एवं बलिदान का स्मरण करते हुए वंदेमातरम् के गौरवशाली 150 वर्षों की झांकी प्रस्तुत की गई है। प्रदर्शनी में जानकारी देते हुए बताया गया कि कलकत्ता ध्वज जिसे वंदेमातरम् ध्वज के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई रूपों में बनाया गया और संस्करण में वंदेमातरम् अंकित किया गया। देश का भाग्य बदलने वाले वीर गीत वंदेमातरम् की रचना 7 नवम्बर 1875 को अक्षय नवमी को हुई थी। आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष एवं देशवासियों में आजादी के लिए अलख जगाने वाले राष्ट्रगीत वंदेमातरम् की अक्षुण्य कथा को फोटो प्रदर्शनी मेें सहेजा गया। फोटो प्रदर्शनी का बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने अवलोकन किया।

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