राजनांदगांव : 14 कीटनाशक के सैंपल फेल, बेचने पर प्रतिबंध …

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राजनांदगांव l कृषि विभाग ने जिले में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कीटनाशक निर्माता कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला में जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कुल 14 कीटनाशी सैंपल फेल हो गए। अमानक पाए गए इन कीटनाशियों के विक्रय एवं वितरण पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। संबंधित विक्रय प्रतिष्ठानों में उपलब्ध संबंधित स्टॉक के विक्रय पर रोक लगाई गई है। संबंधित निर्माता कंपनियों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम में दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर डीडीए टीकम सिंह ठाकुर ने कार्रवाई की है। इसमें क्योटा एग्रोकेमिकल्स प्रा.लि., दिल्ली, पीएनएच क्रॉप साइंस प्रा.लि., ग्राम सोमनी, बायोस्टैड्स इंडिया लिमिटेड मुंबई, डेकान्स क्रॉप साइंस प्रा.लि., घोरदा, डेकान्स क्रॉप साइंस प्रा.लि., घोरदा, क्रॉप केमिकल इंडिया लिमिटेड नई दिल्ली, क्योटा एग्रोकेमिकल्स प्रा.लि., दिल्ली, नियोट्रीक एग्री सॉल्यूशन लिमि., ग्लोबल एग्री वेंचर्स रायपुर, बोस्टन बल्क केमिकल्स इंडिया लिमिटेड गुजरात, मास क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, भगवानपुर, मोहाली, रत्नाकर इंडिया लिमिटेड गुजरात, भारती रासायनिक उद्योग धमतरी के कीटनाशी का नमूना राजनांदगांव जिले के कृषि केंद्रों से लिए गए थे।

अब आगे मामलों में कोर्ट में अभियोजन की तैयारी कृषि विभाग द्वारा परीक्षण में अमानक पाए गए उक्त 14 कीटनाशी नमूनों के संबंध में संबंधित निर्माता कंपनियों एवं विक्रय प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अभियोजन की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। शासन से आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के उपरांत प्रकरणों को नियमानुसार सक्षम न्यायालय के समक्ष अभियोजन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा तथा दोष सिद्ध होने पर अधिनियम में निर्धारित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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