भाई के हत्यारों से बदला लेने खरगाेन से नाै पिस्टल लेकर आ रहे चार बदमाश पकड़े

ग्वालियर। भाई की हत्या का बदला लेने के लिए खरगोन से नौ पिस्टल और चार जिंदा कारतूस लेकर कार से जा रहे चार युवकों को क्राइम ब्रांच व थाटीपुर पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपितों में दो मेरठ गाजियाबाद और दो बदमाश भिंड के हैं। एसपी अमित सांघी ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कार से चार बदमाश अवैध हथियार लेकर उत्तरप्रदेश के लिए शिवपुरी से निकले हैं। सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी दामोदर गुप्ता व थाटीपुर थाना प्रभारी आरबीएस विमल ने शिवपुरी लिंक रोड पर घेराबंदी की आैर जैसे ही कार आई तो उसे रोक कर जांच पड़ताल की गई। जांच के दौरान कार की सीट के नीचे पिस्टल रखी मिलीं। जिसके बाद आरोपित अंकुर त्यागी, अंकित लोधी, सरनाम लोधी और रविंद्र गुर्जर को हिरासत में ले लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

बदमाशों के एक-दूसरे से इस तरह जुड़े तारः भिंड का रहने वाला एक आरोपित खरगोन की जेल में बंद था। जेल में उसकी मुलाकात अवैध हथियार बनाने वालों से हुई। जब जेल से निकला तो वह दिल्ली में काम के सिलसिले में गया था, वहीं पर उसकी मुलाकात मेरठ के अंकुर त्यागी से हुई। अंकुर त्यागी के भाई का अपहरण कर हत्या करने वाले अभी जेल में बंद हैं। हत्याराें के जेल से बाहर आने से पहले अंकुर हत्यारों को ठिकाने लगाने के लिए असला जोड़ने का काम कर रहा था। अंकुर अपने तीन साथियों के साथ खरगोन से नौ पिस्टल व चार जिंदा कारतूस लेकर लौट रहा था कि तभी पुलिस को भनक लगी और पकड़े गए। भिंड के दो आरोपिताें पर पहले से कई केस दर्ज हैं, जबकि मेरठ के रहने वाले बदमाशों की केस हिस्ट्री यूपी पुलिस से मांगी गई है।

ग्वालियर पुलिस के रडार पर खरीदारः पुलिस सूत्रों के मुताबिक खरगोन में सिकलीगरों के ठिकानेे हैं, जहां पर यह लोग अवैध हथियार बनाने का काम वर्षों से करते आ रहे हैं। ग्वालियर पुलिस ने इन्हीं लोगों में से कुछ के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर डाल रखे हैं। जब भी कोई ग्वालियर चंबल अंचल का व्यक्ति इन लोगों से संपर्क करता है तो उसकी जानकारी पुलिस को लग जाती है। इसके बाद पुलिस संबंधित नंबर को सर्विलांस पर लेकर निगरानी रखना शुरू कर देती है। मोबाइल नंबर खरगोन, धार या उसके आसपास एक्टिव मोड पर दिखता है तो यहां पर उनकी फील्डिंग लगा ली जाती है। वापसी में लौटने पर पुलिस हथियार लेकर ग्वालियर से गुजरने वालों को दबोच लेती है। क्राइम ब्रांच पुलिस के मुताबिक पिछले एक साल में दो सैकड़ा के आसपास पिस्टल पकड़ी गई हैं, इनमें सबसे अधिक खरगोन से आने वाली हैं।

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