राजनांदगांव : पानी, सड़क, सफाई समस्या, कांग्रेस ने निगम घेरा, उग्र आंदोलन की चेतावनी…

राजनांदगांव , शहर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नगर निगम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा की नगर सरकार स्वच्छ पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, लेकिन निगम की फॉगिंग मशीनें कहीं दिखाई नहीं देतीं और न ही नियमित दवा का छिड़काव हो रहा है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह-सात महीने से सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के कारण नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और शहर के कई हिस्सों में कचरे के ढेर लगे हैं।

पेयजल व्यवस्था पर सवाल उठाए: कांग्रेस ने पेयजल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि बारिश के मौसम में भी लोगों को गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। कई वार्डों में कभी सुबह तो कभी शाम पानी दिया जा रहा है, जिससे नागरिकों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस ने इसके लिए नगर निगम और फिल्टर प्लांट संचालित करने वाली एजेंसी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। ज्ञापन में शहर की जर्जर सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस का कहना है कि मुख्य और आंतरिक सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं कराई जा रही। इसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। साथ ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों, हाईमास्ट लाइटों, आवारा मवेशियों और बढ़ते आवारा कुत्तों की समस्या का भी तत्काल समाधान करने की मांग की गई।

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पूर्व सभापति ने उठाया कर्मियों का मुद्दा: पूर्व सभापति हफीज खान ने नगर निगम कर्मचारियों के हितों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई कर्मचारियों के लंबित मामलों का निराकरण नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कैंसर पीड़ित कर्मचारी को बीमा राशि नहीं मिलने से इलाज में दिक्कत आ रही है और वह सहायता के लिए भटकने को मजबूर है। कर्मचारियों के हितों से जुड़े प्रकरणों को भी प्राथमिकता से निपटाया जाना चाहिए।

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