राजनांदगांव : नशे से दूरी जरूरी, युवाओं ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प…

नशे की लत व्यक्ति की सेहत के साथ परिवार की खुशहाली और सामाजिक वातावरण को भी प्रभावित करती है। इससे बचाव के लिए केवल व्यक्तिगत संकल्प ही नहीं, बल्कि सामूहिक जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली जरूरी है। इसी उद्देश्य से माय भारत राजनांदगांव और शिवनाथ साइंस की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सहयोग से कॉलेज में ‘नशा मुक्त युवा’ विषय पर पड़ोस युवा संसद का आयोजन हुआ। नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी युवाओं को दी गई।

व्यसन से बचाव, नशामुक्त जीवनशैली और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों और युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. निर्मला उमरे, समाज कल्याण विभाग उप संचालक वैशाली मराड़वार, एनटीपीसी की जिला सलाहकार एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. नीहारिका टोप्पो और समाज सेविका गीता साहू सहित अन्य अतिथि सदस्य बड़ी संख्या में विद्यार्थी की मौजूद रहे।

शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी गतिविधियों पर जोर वक्ताओं ने कहा युवावस्था जीवन की दिशा तय करने का अहम समय है। नशे जैसी आदतों से दूरी बनाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना जरूरी है। नशे की लत से बचाव के लिए समय रहते जागरूक होना और जरूरत पड़ने पर उचित मार्गदर्शन लेना जरूरी है। पड़ोस युवा संसद में युवाओं ने नशामुक्ति को लेकर अपने विचार और सुझाव भी साझा किए। इससे जुड़े विचार रखे। ​ उन्होंने अपने साथियों को नशे से दूर रहने प्रेरित करने तथा जागरूकता का संदेश दिया।

See also  सुशासन और पारदर्शिता के साथ हर वर्ग तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

दबाव, जिज्ञासा, तनाव में सही निर्णय जरूरी आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एसआर कन्नौजे और माय भारत राजनांदगांव के जिला युवा अधिकारी शुभजीत दे विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा नशे की शुरुआत कई बार साथियों के दबाव, जिज्ञासा या तनाव के कारण होती है। ऐसी परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और नशे से दूरी बनाए रखने की समझ जरूरी है। युवाओं को अपनी ऊर्जा पढ़ाई, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने व्यसन से बचाव के लिए जागरूकता और सकारात्मक आदतों को महत्वपूर्ण बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *